Posted on Jan 18, 2026 03:48 PM
आदित्य गुप्ता
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर मरीजों से की जा रही मनमानी वसूली और निजी अस्पतालों में जांचों की बेतहाशा दरों को लेकर बड़ासरकारी हस्तक्षेप सामने आया है। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से प्रकाशित होने वाली अखबार को दैनिक घटती-घटना द्वारा प्रकाशित खोजी रिपोर्ट“इलाज एक, रेट अनेक!” के बाद राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि एक ही मशीन, एक हीतकनीक और एक ही प्रक्रिया के बावजूद सरकारी और निजी अस्पतालों में जांच दरों में भारी अंतर है, जिसका सीधा बोझ गरीब और मध्यम वर्ग केमरीजों पर पड़ रहा है। रिपोर्ट के प्रकाशन के बाद स्वास्थ्य तंत्र में बड़े और निर्णायक बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैंकि अब निजी अस्पतालों और जांच केंद्रों में भी सरकारी दरों पर सीटी-स्कैन, एमआरआई, एक्स-रे, सोनोग्राफी और अन्य जांचें कराई जाएंगी। इसकेसाथ ही सभी निजी अस्पतालों और लैबों में रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करनी होगी और तय दर से अधिक वसूली पर दंडात्मक कार्रवाई कीजाएगी।
इस मुद्दे पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि सरकार गरीब और जरूरतमंद नागरिकों को सस्ती, पारदर्शी और सुलभ स्वास्थ्य सुविधादेने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ निजी अस्पतालों में होने वाली जांचों की दरेंभी तय की जा रही हैं, ताकि किसी भी मरीज का आर्थिक शोषण न हो। छत्तीसगढ़ प्रदेश के अम्बिकापुर से प्रकाशित दैनिक घटती-घटना की रिपोर्ट मेंबताया गया था कि सरकारी अस्पतालों में जहां सीटी-स्कैन और एमआरआई जैसी महंगी जांचें बेहद कम शुल्क या आयुष्मान/बीपीएल कार्ड परनिःशुल्क उपलब्ध हैं, वहीं निजी अस्पतालों में इन्हीं जांचों के लिए हजारों से लेकर पंद्रह–बीस हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं। मजबूरी में मरीजनिजी अस्पतालों का रुख करता है और इलाज से पहले ही कर्ज के बोझ तले दब जाता है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज योग्य होने के बावजूद कई निजी अस्पताल मरीजों को बाहर की महंगी जांचेंलिखते हैं, जिससे उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ती है एक तरफ बीमारी, दूसरी तरफ आर्थिक संकट। अब सरकार इस प्रवृत्ति पर भी सख्ती की तैयारी मेंहै। हालांकि सरकार की मंशा स्पष्ट है, लेकिन सवाल अब भी कायम हैं रेट लिस्ट की निगरानी कौन करेगा, कितनी बार निरीक्षण होगा, शिकायतों परकितनी तेजी से कार्रवाई होगी और तय दर से ज्यादा वसूली पर सजा क्या होगी? साथ ही यह भी जरूरी है कि सरकारी अस्पतालों में मशीनें चालू रहें, डॉक्टर और तकनीशियन उपलब्ध हों और मरीजों को जांच के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।
जनता की निगाहें अब सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। घोषणाओं से आगे बढ़कर अगर ठोस नियम, सख्त निगरानी और पारदर्शी व्यवस्था जमीनपर उतरी, तो यह फैसला स्वास्थ्य सेवाओं में एक ऐतिहासिक बदलाव साबित हो सकता है। अन्यथा यह भी अधूरी घोषणा बनकर रह जाने का खतरारहेगा और हार एक बार फिर मरीज की ही होगी।
कई राज्यों के सैकड़ो पत्रकारों ने सुकमा जिला मुख्यालय में किया विरोध प्रदर्शन
Popular News
नक्सलियों को हथियार सप्लाई करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
Popular News
केन्द्र और राज्य सरकार जनजाति समाज के समग्र विकास के लिए हमेशा तत्पर: रामविचार नेताम
Popular News
जिले में राजस्व अमला किसानों के खेतों में पहुंचकर कर रहा गिरदावरी
Popular News
रेत माफियाओं के खिलाफ़ खनिज विभाग की ताबड़तोड़ कार्यवाही अवैध रेत परिवहन करते 05 ट्रेक्टर वाहन हुआ जप्त
Popular News
मूल पहचान छुपा कर करता था सारा खेल आखिरकार सच्चाई आई सामने आरोपी साहिल MP से हुआ गिरफ्तार
Popular News
स्वास्थ्य नहीं, मुनाफाखोरी पर शिकंजा निजी अस्पतालों पर सरकार की सख्ती
Popular News
रायपुर : समाजसेवा की आड़ में ठगी का आरोप, दो महीने तक गिरफ्तारी न होने से उठे सवाल...
Popular News
छत्तीसगढ़ में गाड़ियों पर रखकर डीजे बजाने पर लगाया गया प्रतिबंध…पर्यावरण विभाग ने कलेक्टर-एसपी को लिखा पत्र…. आदेश में कहा…पालन नहीं होने पर अधिकारियों पर होगा एक्शन
Popular News
मछली पालन से समृद्ध हो रहे किसान, जनकराम को साल में 7 लाख रुपए का हुआ मुनाफा
Popular News
पुलिस अधीक्षक सरगुजा द्वारा सीतापुर अनुभाग के थाना/चौकी प्रभारियों एवं विवेचको की समीक्षा बैठक की गयी आयोजित।
Popular News
सरगुजा के कारण ही छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनी है- ओ पी चौधरी
Popular News